सुख शांति के लिये वनस्पति तंत्र मई 21, 2006
Posted by kalptaru in जीवन की समस्याएँ.trackback
अशोक वृक्ष के जड़ के पास अंदर की तरफ की १ किलो मिट्टी ले आइये, कूट पीस कर छान लीजिये व उसमें केसर, केवङा जल, हिना का इत्र, मुठ्ठी नाग के जट, श्वेत चन्दन, काली गाय का दूध मिट्टी में मिलाना है| मिट्टी को गूँथ लीजिये और एक पिण्डी अर्थात शिवलिंग बना लीजिये| पूजा स्थान पर रख दीजिये |
१०८ बार मंत्र जाप करना है ऊँ नमः शिवायव १०८ बेलपत्र चढाने हैं, दूसरे दिन १०८ बेलपत्र एक थैली में रखने हैं, लगातार ७ दिन सोमवार से करना है, इस प्रकार ७ थैलियाँ इकठ्ठी होंगी, ८ वें दिन हर थैली में से एक एक बेल पत्र निकाल कर एक डिब्बी में रखकर लॉकर में रख दीजिये| शिवलिंग व बचे हुए बेलपत्र जल में प्रवाहित करना है|
BABA JI PRANAM.
mera nam shankar das hai mrea birth orissa mai huathaa 17,october,1974 ku,mai npichle 20 year se nokri kartahun likin abhitak mareku padunati nehi mila na tankha bhi meahnat ki hisab se thik naehi milrahe , ofiice mai or mare karib log mare pichhe marese duhmani karte hai or mare se jalte hai,isha kate hai ,mere ghar mai sukh shanti kab aegi krupa karke bataiea, please advise or gide me.
thaks